ब्रेकिंग : सेना को मिला संतोपथ चोटी पर कई सालों पुराना शव, 2005 में हुए थे कई जवान लापता, होगी DNA जांच
संतोपंथ अभियान पर गए सेना के पर्वतारोही दल को वहां चोटी के पास बर्फ में दबा एक शव मिला है जिससे सेना के दल में सनसनी फैल गई है। ये शव 2005 को आए सेना के दल के किसी जवान के होने की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि 2005 में सेना का एक दल संतोपंथ में आया था और इस दौरान एक जवान लापता हो गया था। फिलहाल दल ने शव को गंगोत्री पुलिस को सौंप दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि शव का डीएनए भी जांच के लिए भेजा जाएगा।
2005 में ट्रेकिंग अभियान के दौरान लापता हो गए थे कुछ पर्वतारोही
सेना के अधिकारियों का कहना है कि साल 2005 में सेना का एक दल सतोपंथ चोटी के आरोहण के लिए गया था। उसमें कुछ सदस्य लापता हो गए थे। सेना ने आशंका जताई है कि यह शव के अवशेष उसी दल में शामिल किसी जवान का हो सकता है। सेना ने बरामद शव के अवशेष और कपड़ों के आधार पर उसके नायक अनीश त्यागी पुत्र राजकुमार निवासी गाजियाबाद उत्तरप्रदेश होने की आशंका जताई है। जो वर्ष 2005 में ट्रेकिंग अभियान के दौरान लापता हो गया था।काफी तलाश के बाद जब उसका पता नहीं चला तो खोजबीन का काम बंद कर दिया गया।उसने सेना की वर्दी और जूते पहने हुए हैं। सेना ने फिलहाल लापता जवान के बारे में कुछ भी बताने से इन्कार किया है।
सेना ने शव को पुलिस को सौंपा। पुलिस ने इसकी सूचना उसके परिजनों को भी दे दी है। वहीं दूसरी ओर एसपी मणिकांत मिश्रा का कहना है कि सेना की ओर से सौंपे गए शव के अवशेषों का पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। एसपी ने अवशेषों का डीएनए टेस्ट करवाने की बात कही। उन्होंने कहा डीएनए टेस्ट के बाद ही पुष्टि हो पाएगी कि यह शव के अवशेष किसके हैं।
आपको बता दें कि पिछले माह स्वतंत्रता दिवस पर अमृत महोत्सव के तहत सेना के पर्वतीय ब्रिगेड के जवानों का एक दल सतोपंथ ग्लेशियर के लिए रवाना हुआ था। दल में 20 जवान शामिल थे। करीब एक माह अभियान के बाद दल गुरुवार को बदरीनाथ के पास माणा लौट आया। सेना की ओर से मीडिया को जारी बयान में कहा गया है कि जवान अपने साथ एक शव भी लाए हैं। बताया जा रहा है कि शव उसी जवान हो सकता है।
















