उत्तराखंड में बारिश प्रलय : मलबे में दबकर 4 मजदूर जिंदा दफन, अब तक कुल 24 लोगों की मौत
उत्तराखंड में बीते 48 घंटे से हो रही बारिश ने कहर मचाकर रखा है। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। खासतौर पर कुमाऊं क्षेत्र में लोगों का हाल बेहाल है। लोग दहशत में जी रहे हैं। बड़ी खबर नैनीताल से है जहां मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के कोश्या लेख से है जहां एक रिजोर्ट के निर्माण में लगे 4 मजदूरों की भूस्खलन की चपेट में आकर मौत हो गई है। चारों श्रमिक बिहार के बेतिया जिले के बेलवा गांव के रहने वाले हैं। इससे शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस घटना की जानकारी उनके परिवार वालों को दी गई है.
वहीं जिले के रामगढ़ ब्लॉक के एक गांव में मकान जमींदोज होने से 10 लोगों के मौत की खबर है। धारी तहसील के चौखुटा गांव में भूस्खलन की जद में आए मकान में एक ही परिवार के छह लोगों की दबकर मौत हो गई। भीमताल में मकान ढहने से एक बच्चा मलबे में दब गया है। अल्मोड़ा जिले में एक मकान पर पहाड़ी से मलबा आने के कारण तीन लोगों की दबकर मौत हो गई है।
वहीं अल्मोड़ा में भी मकान की दीवार गिरने से किशोरी(14) की दबकर मौत हो गई। बागेश्वर जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर खीनापानी क्षेत्र में मलबे में दबने से दो श्रमिकों की मौत हो गई है। फिलहाल 24 लोगों के मौत की खबर है। वहीं, नैनीताल का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है। नैनीताल झील का पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर करीब सौ मीटर का संटिंग नेक गौला नदी में बह गया। जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन निरस्त कर दिया गया है। पहाड़ के दर्जनों मार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए हैं।
नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक के झुतिया गांव मकान ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। राजस्व गाँव सकुना में तड़के मकान में पहाड़ी से मलबा आ गया। कमरे में 10 मजदूर सो रहे थे। जिसमें से एक तो उठकर बाहर कूद गया। जिसकी हालत गम्भीर बतायी जा रही है। नौ मजदूरों की मलबे में दबकर मौत हो गई। सुबह ग्राम प्रधान सुरेश मेर ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रशासन की टीम को घटना की जानकारी दी। रास्ते बंद होने के कारण प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर नहीं पहुंच पा रही है।
















