चुनाव से पहले बढ़ी कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की मुश्किलें, हाई कोर्ट में मिली चुनौती, जवाब तलब

शक्तिमान पर हमले के बाद मौत मामले में कैबिनेट मंत्री व मसूरी विधायक गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। सीजेएम कोर्ट से बरी होने के आदेश को चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनौती मिली है।  बीते दिन हाई कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद गणेश जोशी के साथ सचिव गृह और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है और कोर्ट अब इस मामले में शीतकालीन अवकाश के बाद सुनवाई करेगा।

शक्तिमान मामले में निचली अदालत ने भले ही मंत्री गणेश जोशी को क्लीन चिट दे दी हो, लेकिन इस मामले ने चुनावों से ऐन जोशी की मुश्किलें बढ़ा दी है. हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए जोशी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी. जोशी समेत सूबे के गृह सचिव और बाकी 3 आरोपियों से भी जवाब मांगा गया है.गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में सितंबर 2021 में निचली अदालत ने जोशी को क्लीन चिट दे दी थी. साल 2016 में बजट सत्र के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक रैली निकाली थी. इस दौरान पुलिसकर्मियों व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हुई थी.

भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीनकर उन्हीं पर बरसाने का आरोप लगा था. लाठी की कुछ चोटें पुलिस के घोड़े शक्तिमान को भी आई थीं, जिसके चलते वह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई थी. इस मामले में तीन महीने पहले जोशी को सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया था. जिसके बाद सैनिक ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए सीजेएम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और जोशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

आपको बता दे कि 14 मार्च 2016 में विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की लाठी से गणेश जोशी ने शक्तिमान घोड़े पर हमला किया. जिसमे शक्तिमान घोड़ा घायल हो गया और एक महीने बाद घोड़े की मौत हो गयी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!