उत्तराखंड से बड़ी खबर : दो महिलाओं ने सरकार को लौटाए तीलू रौतेली अवार्ड, 8 को किया था सम्मानित

देहरादून: बड़ी खबर देहरादून से है जहां 2 महिलाओं ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकार को अपना तीलू रौतेली पुरुस्कार लौटा दिया है। आपको बता दें कि 8 अगस्त को सर्वश्रेष्ठ काम करने वाली महिलाओं और वीरांगनाओं को सीएम धामी और बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने तीलू रौतेली अवॉर्ड से सम्मानित किया था जिसमे भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया भी शामिल थी।

लेकिन खबर है कि विकासनगर और सहसपुर में महिला स्वयं सहायता समूह चलाने वाली दो महिलाओं ने सरकार द्वारा मिले तीलू रौतेली अवॉर्ड को सरकार को वापस कर दिया है. दोनों महिलाओं का कहना है कि एक तरफ सरकार महिलाओं के उत्थान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उनका रोजगार छीना जा रहा है. आपको बता दें कि टेक होम राशन योजना में सरकार ने दो बदलाव किए हैं. जिससे नाराज होकर दो महिलाओं ने उत्तराखंड सरकार को तीलू रौतेली अवॉर्ड वापस कर दिया है.

ये महिलाएं हैं गीता मौर्य और श्यामा देवी। गीता मौर्य को 8 अगस्त 2020 को उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूह शक्ति के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया था. इसके अलावा साल 2018 में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ने भी उन्हें सम्मानित किया था.गीता मौर्य को ये सम्मान उनके द्वारा चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूह के लिए दिया गया था. गीता मौर्य महिला स्वयं सहायता समूह ने महिलाओं को उत्थान और रोजगार के क्षेत्र में काफी अच्छा काम किया था. इसीलिए उन्हें सम्मानित किया गया था. वहीं मंगलवार को श्यामा देवी भी ने अपना तीलू रौतेली अवॉर्ड वापस कर दिया है. श्यामा देवी को दो दिन पहले ही तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. श्यामा देवी भी महिला स्वयं सहायता समूह चलाती हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में 2014 में टेक होम राशन के नाम से एक योजना शुरू की गई थी. इस योजना को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित किया जाता है. टेक होम राशन योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों से नवजात शिशुओं, कन्या और अन्य कई योजनाओं के तहत पात्रों को राशन का वितरण किया जाता है. इस राशन की सप्लाई विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को माध्यम से कराई जाती है.टेक होम राशन की योजना को ठेके पर देने के बाद उत्तराखंड में चलने वाले सभी स्वयं सहायता समूह का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.

सोमवार देर शाम को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपना सम्मान लौटा दिया. इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर निशाना साधा था. उन्होंने इस टेंडर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!