यशपाल आर्य ने उगले BJP के कई राज, बताई अंदर की बातें, हरदा से बोले-मुझे बल्द बना दो अपना

देहरादून : यशपाल आर्य ने भाजपा का हाथ छोड़ कांग्रेस में घर वापसी कर ली है। आज कांग्रेस मुख्यालय में यशपाल आर्य का भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान यशपाल आर्य ने अपने मन की बात कही और भावुक भी हुए। मंच से अपने संबोधन में यशपाल आर्य ने भाजपा के कई राज उगले औऱ भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए। यशपाल आर्य ने किसान आंदोलन को लेकर भी सरकार को घेरा।

मुझे बल्द बना दो, दिन रात जोतूंगा-आर्य

साथ ही हरीश रावत को कहा कि मुझे अपना बल्द बना दो। मैं हल जोतूंगा और पूरी मेहनत से काम करुंगा।मैं पूरी मेहनत करुंगा मैं वैसा बेल नहीं जो एक जगह बैठ गया, मैं ऐसा बल्द नहीं बनूंगा। मैं ऐसा बल्द बनूंगा जिसको आप मारेंगे मैं दिन रात काम करुंगा।

यशपाल आर्य ने कहा कि जब मैं भाजपा में था तो उस वक्त भाजपा वाले भी कहते थे कि सरकार चलाना तो कांग्रेस को आता है। भाजपा को सरका चलाना नहीं आता। यशपाल आर्य ने कहा कि जब मैं भाजपा में था तो उस वक्त हम बाते करते थे कि सरकार तो कांग्रेस ही चलाना जानती है, हम विपक्ष में ही ठीक है। कहा कि भाजपा की सरकार हवाई सरकार है जो आपदा में हवाई सर्वैक्षण करती रही उन्हें कोई मतलब नहीं है। आगे यशपाल आर्य ने कहा कि दो महीने अलग जगाने की जरुरत है भाजपा को परस्त करने के लिए। इसके लिए हम सब आप सब तैयार हैं।

भाजपा की उलटी गिनती शुरु हो गई है-यशपाल आर्य

यशपाल आर्य ने सरकार के आपदा प्रबंधन को फेल बताया औरकहा कि आपदा में सब खत्म हो गया। लोगों के अभी तक आंसू निकल रहे हैं। भाजपा को देश की नंबर वन बड़ी पार्टी कहा जाता है लेकिन जब आपदा आई तो कोई नहीं दिखा, कोई मौके पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। यशपाल आर्य ने कई ऐसी बातें भी कहीं जिससे मंच पर मौजूद हरीश रावत भी मुस्कुराते नजर आए और कार्यकर्ता ठहाके लगाते नजर आए। यशपाल आर्य ने कहा कि वहां से कुछ सीखकर आया हूं कुछ सिखाऊंगा। साथ ही कहा कि आपका भाई यशपाल आर्य भाजपा को जवाब देगा। भाजपा की उलटी गिनती शुरु हो गई है।

यशपाल आर्य ने कहा कि मेरी कोई हैसियत नहीं है मुझे जो बनाया पार्टी ने बनाया, ये बात कहते हुए आर्य भावुक हो गए। यशपाल आर्य ने कहा कि जितने दिन में भाजपा में रहा इसकी भरपाई मैं करुंगा। बोले कि मैं पूरी मेहनत करुंगा। यशपाल आर्य ने कहा कि मैं जब सचिवालय जाता था तो मेरी नजरें कांग्रेस भवन में ही रहती थी। मैंने यहां से कई लड़ाईयां लड़ी। इस मंदिर से कई लड़ाइयां हमने लड़ी हैं।

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