कोविड जांच की फर्जी निगेटिव रिपोर्ट लेकर उत्तराखंड पहुंच रहे लोग, आशारोड़ी चेकपोस्ट पर 35 फेक रिपोर्ट पकड़ी, ऐसे हुआ खुलासा

देहरादून के आशोरोड़ी चेकपोस्ट पर लगातार बाहरी राज्यों के लोग फर्जी कोरोना जांच रिपोर्ट के साथ पकड़े जा रहे है। उत्तराखंड घूमने की उनकी इतनी चाह है कि वो अपराध को अंजाम दे रहे हैं.आपको बता दें कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से अधिकतर पर्यटक उत्तराखंड आ रहे हैं। सराकर ने बाहरी राज्यों के लोगों के लिए कोविड जांच की निगेटिव अनिवार्य कर दी है ऐसे में अब लोग फर्जी रिपोर्ट लेकर उत्तराखंड घूमने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर आशारोड़ी चेकपोस्ट पर हर दिन मामले पकड़े जा रहे हैं। गुरुवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 35 फर्जी रिपोर्ट पकड़ी हैं। एक दिन पहले भी मसूरी घूमने आए गाजियाबाद के दस लोग सहित 13 व्यक्तियों की रिपोर्ट फर्जी निकली थी। इन पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था।

आपको बता दें किकोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के अलर्ट को देखते हुए धामी सरकार ने पर्यटकों के लिए आरटी-पीसीआर की 72 घंटे की निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्य कर दी है। दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों को सीमा पर कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखाकर ही प्रवेश दिया जा रहा है। रिपोर्ट नहीं होने पर जांच की जा रही है और निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही प्रवेश दिया जा रहा है। पर इनमें कई लोग फर्जी कोरोना जांच रिपोर्ट लेकर यहां घूमने आ रहे हैं।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

आशारोड़ी चेकपोस्ट पर तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रभारी डा. एक्यू अंसारी ने बताया कि कोविड-कफ्र्यू में ढील के बाद बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, हरियाणा,नई दिल्ली, राजस्थान जैसे राज्यों से पर्यटक उत्तराखंड आ रहे हैं। इनमें कई पर्यटक फर्जी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं। गुरुवार को भी ऐसे 35 मामले पकड़े गए। इनकी यहां जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।कोरोना की फर्जी रिपोर्ट जारी करने के मामले में क्लेमेनटाउन थाना पुलिस लैब के खिलाफ कार्रवाई करेगी। बुधवार को गाजियाबाद का रहने वाला युवक तरुण मित्तल अपने साथियों के साथ मसूरी घूमने के लिए आ रहा था। आशारोड़ी चेकपोस्ट पर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मांगी गई। बार कोड स्कैन करने पर पता लगा कि रिपोर्ट किसी अन्य व्यक्ति की थी। पुलिस ने तरुण मित्तल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उससे पूछताछ की। जिसमें पता चला कि रिपोर्ट वह गाजियाबाद की एक लैब से लेकर आया है।

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