उत्तराखंड में इस बार नहीं टूट पाया 2012 और 2017 का मतदान रिकॉर्ड, इस बार हुई इतने प्रतिशत वोटिंग
देहरादून : बीते दिन सोमवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ. लोगों में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। उत्तराखंड के मतदाताओं ने भरपूर जोश दिखा। जो पहली बार वोट दे रहे थे वो बेहद खुश दिखे। बता दें कि लेकिन इस बार फिर प्रदेश में 2017 का रितॉर्ड नहीं टूट पाया। बता दें कि इस बार उत्तराखंड में करीब 62.5 प्रतिशत मतदान हुआ है।
बात करें पहाड़ी जिलों की तो तमाम मुश्किलों के बावजूद लोग मतदान के लिए घरों से बाहर निकले। दिव्यांग हो या दृष्टिबाधित हर कोई वोट देने आया है। वहीं खबर है कि पहाड़ी क्षेत्रों में नेटवर्क संबंधित दिक्कत के चलते निर्वाचन आयोग के राज्य कंट्रोल रूम के पास देर शाम तक पूरी सूचनाएं नहीं आ पाई थी, इस कारण आयोग मतदान के अंतिम आंकड़े मंगलवार तक ही जारी कर पाएगा।
आपको बता दें कि मतदान का समय खत्म होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने पीसी की और पूरे प्रदेश में 62.5 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि सोमवार देर रात तक 9,385 पोलिंग पार्टियां जिला मुख्यालय में लौट आई हैं। जबकि दूरस्थ क्षेत्रों की 2,312 पोलिंग पार्टियां मंगलवार को ही वापस होंगी, इसके बाद ही मतदान के अंतिम आंकड़े जारी किए जाएंगे।इस कारण कुल मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई जा रही है।
आपको बता दें कि साल 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 65.56 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि साल 2012 में 67.22 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला था।
















