खबर देव रिपोर्ट कालू वर्मा एक साल से लंबित जन्म प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचा मामला, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
हरिद्वार। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए करीब एक साल का समय बीतने को है, लेकिन बालिका दिविषा भट्ट का जन्म प्रमाण पत्र अभी तक जारी नहीं हो पाया है। मामले को लेकर आवेदनकर्ता आशीष भट्ट लगातार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार परेशान है।जानकारी के अनुसार, बालिका दिविषा भट्ट के जन्म प्रमाण पत्र के लिए अगस्त 2025 में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में आवेदन किया गया था। इसके बाद आवेदन को नगर निगम हरिद्वार से क्रमांक संख्या 1043 प्राप्त हुई।आवेदनकर्ता के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित आवश्यक कागजात नगर निगम पार्षद जी के कार्यालय के माध्यम से जमा किए गए थे। नगर निगम हरिद्वार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित कागजात आगे की कार्रवाई के लिए 1 मई 2026 को मजिस्ट्रेट/एसडीएम कार्यालय, हरिद्वार में जमा कर दिए गए थे।इसके बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। आवेदनकर्ता का कहना है कि आवेदन किए हुए लगभग एक वर्ष होने को है, लेकिन अभी तक उन्हें बालिका का जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो सका है।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी लगाई गुहारमामला केवल स्थानीय अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रहा। आवेदनकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल/मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई और फोन के माध्यम से मामले की जानकारी दी गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से भी आवेदनकर्ता के पास फोन आया था और मामले की जानकारी ली गई थी। इसके बावजूद अब तक जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सूचना के अधिकार से भी मांगी गई जानकारीमामले में पूर्व पार्षद लखन लाल चौहान जी द्वारा भी सूचना के अधिकार के तहत संबंधित मामले की जानकारी मांगी गई है। आवेदनकर्ता के अनुसार, आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगे जाने के बावजूद अभी तक उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।आवेदनकर्ता आशीष भट्ट का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र बच्चे की पहचान, शिक्षा और विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके बावजूद एक साल के करीब समय बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं होना चिंता का विषय है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आवेदन क्रमांक 1043 की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए और लंबित प्रक्रिया को तत्काल पूरा कर बालिका दिविषा भट्ट का जन्म प्रमाण पत्र जल्द से जल्द जारी किया जाए।अब सवाल यह है कि जब मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंच चुका है, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से आवेदनकर्ता से संपर्क भी किया जा चुका है और सूचना के अधिकार के तहत भी जानकारी मांगी जा चुकी है, तो आखिर जन्म प्रमाण पत्र की प्रक्रिया अब तक लंबित क्यों है?आवेदनकर्ता को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले का तत्काल संज्ञान लेकर लंबित प्रक्रिया पूरी कराएंगे और बालिका को उसका जन्म प्रमाण पत्र जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।








